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Arrest Warrant कितने प्रकार के होते है

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इस आर्टिकल को पूरा पढने के बाद आप जान जाएंगे कि Arrest Warrant कितने प्रकार का होता है और कौन से उपाय करके आप Arrest होने से बच सकते है।


Arrest Warrant क्या होता है


किसी भी तरह का Arrest Warrant सिर्फ और सिर्फ Court द्वारा ही जारी किया जाता है। जिस भी मुजरिम का  Arrest Warrant निकलता है तो उसमें उसका नाम और पता के साथ साथ उसका जुर्म भी लिखा होता है। इसके अलावा Police आपको धारा 41 CRPC के तहत cognizable अपराध में बिना किसी Arrest Warrant के भी गिरफ्तार कर सकती है। इसके अलावा यदि आपके ऊपर किसी भी तरह का FIR है या फिर यदि आपका किसी अपराध में कोई भूमिका पायी जाती है तब आपकी गिरफ्तारी हो सकती है।

Arrest Warrant कितने प्रकार का होता है?
Arrest Warrant दो तरह के होते है। पहला जमानतीय वारंट (Bailable Warrant) और दूसरा गैर जमानतीय वारंट (Non Bailable Warrant)।
जमानतीय वारंट:- Court द्वारा यदी इस तरह का Warrant निकलता हैै तो डरने की कोई बात नही है। 
इसमे आपकी जमानत हो जाएगी। इस Warrant के निकलने पर आपकी गिरफ्तारी नही होगी। पुलिस जब भी Bailable Warrant लेकर आपके पास आती है तो उस Warrant में कुछ पैसे लिखे होते है जिसे आप Court में जमा करके छूट सकते है।
गैर जमानतीय वारंट:- यदि Court द्वारा आपके खिलाफ Non Bailable Warrant निकलता है तो इसमें आपको Arrest किया जाता है। इसके बाद पुलिस आपको  Court में हाजिर करती है जहाँ से आपको जेल भी जाना पड़ सकता है।

अब हम आगे जानेंगे कि यदि आपके खिलाफ Arrest Warrant निकाला है तो उससे कैसे बेचेंगे तथा हमे उसके लिए क्या करना होगा।

जब पुलिस आपके खिलाफ Arrest Warrant Issue करे तब क्या करें:
यदि किसी के द्वारा आपके खिलाफ FIR रजिस्टर्ड करवायी गयी है या आप किसी भी तरह के जुर्म में पाये जाते है तो ऐसी अवस्था मे पुलिस आपके खिलाफ किसी भी समय Arrest Warrant जारी कर सकटी है। पुलिस द्वारा जारी किए गए Arrest Warrant में आप धारा 438 CRPC के तहत Bail प्राप्त कर सकते है और आप जेल जाने से भी बच जाएंगे।

झूठे FIR में पुलिस द्वारा जारी Arrest Warrant:
यदि आपको लगता है कि किसी ने आपके खिलाफ झूठी FIR पुलिस स्टेशन में दर्ज करा दी है और पुलिस ने आपके खिलाफ Arrest Warrant जारी कर दिया है तो ऐसी अवस्था मे आप High Court में Writ Article 226 में जाकर आप स्टे ले सकते है या FIR को रदद् करवा सकते है।

Court द्वारा Arrest Warrant जारी होने पर क्या करें:

यदि Court द्वारा आपके खिलाफ Arrest Warrant जारी होता है  तो ऐसी अवस्था मे गिरफ्तारी से बचने के लिए आपके पास केवल 3 रास्ते ही बचते है।
पहला रास्ता:- आप धारा 438 CRPC के तहत Court से अग्रिम जमानत ले सकते है।
दूसरा रास्ता:- धारा 397/401 CRPC के तहत आप उस आदेश के खिलाफ सेशन court में रिविजन में जा सकते है।
तीसरा रास्ता:- आप सीधे हाई कोर्ट में उस आदेश के खिलाफ जा सकते है और Writ Article 226 के तहत FIR कैन्सल करवा सकते है।

ट्रायल कोर्ट Arrest Warrant जारी करता है तो क्या करें:

यदि आपके खिलाफ ट्रायल कोर्ट द्वारा Arrest Warrant जारी होता है तब ऐसी अवस्था मे आप धारा 70(2) CRPC में आवेदन करके आप ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी Arrest Warrant को कैन्सल करवा सकते है।
इसके अलावा आप चाहे तो उस आदेश के खिलाफ धारा 397/401 CRPC के तहत रिवीजन के लिए भी जा सकते है।

एक से ज्यादा राज्य में केस होने पर क्या करे:

यदि किसी स्टेटमेंट या विवाद के चलते आपके खिलाफ एक से ज्यादा राज्य में आपके खिलाफ FIR हो गयी है और हर राज्य में आपके खिलाफ Arrest Warrant जारी हो गया है तो ऐसी अवस्था मे आप आर्टिकल 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में आवेदन करके सारे राज्य की FIR पर स्टे ले सकते है  और उन्हें कैन्सल करवा सकते है। इसमें यह होगा कि जहाँ पर आपके खिलाफ सबसे पहले FIR दर्ज हुई थी वही पर ही आपके खिलाफ केस चलेगा बाकी जगह की FIR कैन्सल हो जाएगी।

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